विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपनी कैरिबियाई यात्रा के दौरान ज्यूरिख हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां इंडिया-स्विट्जरलैंड के प्रतिनिधि अनूप ढींगरा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
स्विट्जरलैंड में भारतीय दूतावास ने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर का कैरिबियाई देशों की अपनी आधिकारिक यात्रा के मार्ग में ज्यूरिख हवाई अड्डे पर इंडिया-स्विट्जरलैंड के मिन (कॉम) अनूप ढींगरा ने हार्दिक स्वागत किया।
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर दो से दस मई तक जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो की आधिकारिक यात्रा पर हैं। जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो भी ‘कैरिबियन समुदाय’ के सदस्य देश हैं। यह यात्रा 2 मई से शुरू होगी। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कैरेबियाई क्षेत्र के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाना है।
Hon’ble EAM @DrSJaishankar was extended a hearty welcome
at Zurich Airport 🇨🇭, enroute to his official visit to Caribbean countries, by Anoop Dhingra, Min(Com) @IndiainSwiss.@MEAIndia@IndianDiplomacy pic.twitter.com/jDfMLDmY0v— India in Switzerland & Liechtenstein (@IndiainSwiss) May 2, 2026
जमैका में द्विपक्षीय वार्ता का पहला चरण
अपनी यात्रा के पहले चरण में विदेश मंत्री जमैका पहुंचेंगे। यहां वह जमैका के शीर्ष नेतृत्व के साथ व्यापक चर्चा करेंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा व्यापार, अर्थव्यवस्था और डिजिटल परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देना होगा। जमैका में वह भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे। जमैका के साथ भारत के संबंध हमेशा से सौहार्दपूर्ण रहे हैं। यह यात्रा इन संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।
सूरीनाम के साथ ऐतिहासिक संबंधों की समीक्षा
अपनी यात्रा के दूसरे पड़ाव में डॉक्टर जयशंकर सूरीनाम जाएंगे। सूरीनाम और भारत के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव हैं। यहां वह कृषि, स्वास्थ्य और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। सूरीनाम के नेतृत्व के साथ होने वाली बैठकों में नई विकास साझेदारियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
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त्रिनिदाद और टोबैगो में रणनीतिक चर्चा
दौरे के अंतिम चरण में विदेश मंत्री त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचेंगे। यहां वह ऊर्जा सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत करेंगे। त्रिनिदाद और टोबैगो कैरेबियाई क्षेत्र में भारत का एक प्रमुख आर्थिक भागीदार है। यहां होने वाली वार्ता का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देना होगा।
भारतीय समुदाय से संवाद
यह तीन देशों की यात्रा भारत और कैरेबियाई समुदाय के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। डॉक्टर जयशंकर अपनी इस यात्रा के दौरान हर देश में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के साथ संवाद करेंगे। ये प्रवासी न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत के दूत हैं, बल्कि इन देशों की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
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