भीलवाड़ा जिले के कारोई थाने में तैनात एएसआई विष्णु सिंह का शव थाने के मेस में फंदे से लटका मिलने से पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच जारी है।
परिवार और पृष्ठभूमि की जानकारी
जानकारी के अनुसार, विष्णु सिंह कारोई थाने में पदस्थापित थे और मूल रूप से रानोली के निकट रायपुरा गांव के निवासी थे। उनके पिता उगम सिंह भी राजस्थान पुलिस में सेवाएं दे चुके हैं और वर्ष 2008 में सेवानिवृत्त हुए थे। विष्णु सिंह अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें एक बलवंतपुरा हॉस्टल में दसवीं कक्षा में पढ़ता है, जबकि दूसरा सीकर स्थित मैट्रिक्स संस्थान में अध्ययनरत है। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है।
भाई ने जताया संदेह, दी रिपोर्ट
मृतक के भाई नरेंद्र सिंह स्वयं राजस्थान पुलिस में कार्यरत हैं। उन्होंने इस मौत को संदिग्ध बताया है। उन्होंने पुलिस को दी रिपोर्ट में कहा कि उनकी विष्णु सिंह से बीती रात करीब पौने नौ बजे बातचीत हुई थी और उस समय वह पूरी तरह सामान्य थे। उनके अनुसार विष्णु सिंह ने कभी किसी मानसिक तनाव, कार्यस्थल के दबाव या पारिवारिक विवाद का जिक्र नहीं किया था।
परिस्थितियों पर उठे सवाल, जांच पर टिकी नजरें
नरेंद्र सिंह ने बताया कि शव पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं दिखे, लेकिन परिस्थितियां संदेह पैदा करती हैं। इसी आधार पर उन्होंने संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।