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Friday, May 1, 2026
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Imran Khan:इमरान खान ने मानवीय आधार पर लगाई रिहाई की गुहार, एकांत कारावास और आंखों की समस्या का दिया हवाला – Ex Pakistan Pm Imran Khan Seeks Release On Humanitarian Grounds Cites Solitary Confinement Eye Infection

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट से मानवीय आधार पर रिहा करने की अपील की है। उन्होंने अपने वकील के जरिए अदालत को बताया कि उन्हें लंबे समय से एकांत कारावास में रखा गया है और उनकी आंखों में संक्रमण भी है।

यह याचिका खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की ओर से 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में अपनी सजा के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई के दौरान दायर की गई। इस्लामाबाद की एक जवाबदेही अदालत ने पिछले साल जनवरी में 73 वर्षीय इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को सात साल कैद की सजा सुनाई थी। यह मामला राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के नेतृत्व में था।

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अदालत में इमरान ने दी क्या दलीलें?

सुनवाई के दौरान इमरान खान के वकील सलमान सफदर ने अदालत से सजा निलंबित करने का अनुरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि मामला 16 महीने से अधिक समय से लंबित है और अपील में पहले ही 17 सुनवाई हो चुकी है। ‘द डॉन’ अखबार ने यह जानकारी दी है।

सफदर ने अदालत को खान की दृष्टि संबंधी चिंताओं से अवगत कराया और दावा किया कि उनकी नजर काफी कमजोर हो गई है। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार के अनुसार, सफदर ने कहा, “इमरान खान की आंखों की रोशनी 15% तक कम हो गई है, जिसमें 85% दृष्टि का नुकसान हुआ है।” बचाव पक्ष के वकील ने दावा किया कि खान की आंख को हुआ नुकसान स्थायी प्रतीत होता है।

जेल में इमरान के हालातों पर उठाए सवाल

सफदर ने जेल में अपने मुवक्किलों की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “एक मुद्दा आंखों की समस्या है और दूसरा यह है कि उन्हें एकांत कारावास में क्यों रखा जा रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि खान ने उन्हें बताया था कि वह एक आंख से ठीक से नहीं देख पा रहे हैं और डॉक्टरों ने संकेत दिया था कि यह स्थिति अपरिवर्तनीय है।

वकील ने अदालत को बताया कि खान को कई बार अस्पताल ले जाया गया है और ऐसी उपचार सुविधाएं अडियाला जेल में उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा, “यह अब उस बिंदु पर पहुंच गया है जहां हम आईजी जेल, अधीक्षक और उप अधीक्षक को तलब करने की मांग कर रहे हैं।” उन्होंने अदालत से अस्पताल को पूर्ण चिकित्सा रिकॉर्ड प्रदान करने का आदेश देने का भी अनुरोध किया।

हाईकोर्ट ने दिया मुख्य अपील पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव

सफदर ने यह भी बताया कि बुशरा बीबी भी इस मामले से प्रभावित हुई हैं और उन्हें फैसले के समय गिरफ्तार किया गया था। इस्लामाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सरफराज डोगर ने सफदर से पूछा कि वे मुख्य अपील पर ध्यान केंद्रित क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसे शीघ्रता से निपटाया जा सकता है। 

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डोगर ने कहा कि अपीलों की नियमित रूप से सुनवाई हो रही है और अगर दलीलों को निर्धारित किया जाए तो उन्हें जल्दी तय किया जा सकता है। हालांकि, सफदर ने निलंबन आवेदनों का पहले फैसला करने पर जोर दिया। वकील ने आईजी जेल और अस्पताल के अधिकारियों को पूरी चिकित्सा रिकॉर्ड के साथ तलब करने के अपने अनुरोध को दोहराया। इसके बाद सुनवाई स्थगित कर दी गई।

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