10:04 PM, 25-Apr-2026
‘फिलहाल हमले की योजना नहीं’, ट्रंप बोले- बातचीत के लिए तैयार, वो जब चाहे हमें कॉल कर सकते
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि फिलहाल अमेरिका की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करने की कोई योजना नहीं है। ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस से कहा कि हमने अभी इस बारे में नहीं सोचा है। वहीं, फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि वॉशिंगटन बातचीत के लिए तैयार है और कहा, वे जब चाहें हमें कॉल कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद नहीं जाएंगे, जहां ईरान-इस्राइल युद्धविराम वार्ता को फिर से शुरू कराने की कोशिश होनी थी। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अराघची शनिवार शाम पाकिस्तान से लौट गए।
09:37 PM, 25-Apr-2026
ईरान वार्ता के लिए पाकिस्तान नहीं जाएंगे कुशनर और स्टीव-विटकॉफ
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए अमेरिकी वार्ताकारों की प्रस्तावित पाकिस्तान यात्रा को अचानक रद्द कर दिया है। इस फैसले से दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को कम करने की कूटनीतिक कोशिशों को एक बड़ा झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अहम बातचीत के लिए अमेरिकी दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ पाकिस्तान जाने वाले थे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ट्रंप ने खुद ‘फॉक्स न्यूज’ से बातचीत के दौरान इस यात्रा के रद्द होने की पुष्टि की है। हालांकि, अभी तक इस फैसले के पीछे की ठोस वजह सामने नहीं आई है।
09:27 PM, 25-Apr-2026
ईरानी विदेश मंत्री से मिले शहबाज शरीफ
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ एक अहम मुलाकात की है। इस बैठक के बाद शरीफ ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए इसे बहुत ही शानदार बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए इस बातचीत को ‘बेहद गर्मजोशी और सौहार्दपूर्ण’ करार दिया है। इस खास मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति पर अपने विचारों का खुलकर बातचीत की। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि दोनों देशों के बीच आपसी हित के कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही, पाकिस्तान और ईरान के द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
08:28 PM, 25-Apr-2026
दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के चार लड़ाके ढेर- IDF
इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के चार लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है। इस्राइली सेना ने एक बयान जारी कर कहा है कि उसने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के चार लड़ाकों को मार गिराया है, जबकि दोनों देशों के बीच तीन सप्ताह के लिए युद्धविराम को बढ़ा दिया गया है। इससे पहले, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि योहमर अल-शाकिफ शहर पर इस्राइली हमले में चार लोग मारे गए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि लेबनान और इस्राइल एक ही हमले की बात कर रहे हैं या नहीं।
सेना ने दावा किया कि तीन लड़ाके दक्षिणी लेबनान में हथियारों से लदे वाहन में जा रहे थे, जबकि एक अन्य तथाकथित अग्रणी रक्षा रेखा के पार मोटरसाइकिल चला रहा था, जहां इस्राइली जमीनी सैनिक सीमा पर तैनात हैं। बयान में यह भी कहा गया है कि इस्राइल में शुक्रवार से शनिवार तक चलने वाले सप्ताहांत की शुरुआत से अब तक हिजबुल्ला के 15 सदस्य मारे गए हैं।
08:20 PM, 25-Apr-2026
शहबाज ने ईरानी विदेश मंत्री से मुलाकात की सराहना की
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ हुई मुलाकात को ‘मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर विचारों का सबसे सौहार्दपूर्ण आदान-प्रदान’ बताया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘हमने पाकिस्तान-ईरान द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने सहित आपसी हित के मुद्दों पर भी चर्चा की।’
Was pleased to meet H.E. Seyed Abbas Araghchi, Foreign Minister of Iran, and his delegation in Islamabad today. Had a most warm, cordial exchange of views on the current regional situation. We also discussed matters of mutual interest, including the further strengthening of… pic.twitter.com/ZGLQNuGOK6
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) April 25, 2026
08:11 PM, 25-Apr-2026
इस्लामाबाद से रवाना हुआ ईरानी प्रतिनिधिमंडल
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत ईरान का प्रतिनिधिमंडल दिन भर उच्च स्तरीय बैठकें करने के बाद इस्लामाबाद से रवाना हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका-इस्राइल युद्ध को समाप्त करने के लिए अपनी मांगों की आधिकारिक सूची पाकिस्तानी नेताओं को सौंप दी।
07:40 PM, 25-Apr-2026
इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता पर संकट, पाकिस्तान किनारे
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका और ईरान के बीच अहम बातचीत अब संकट में पड़ती दिख रही है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, ईरान अभी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मिलने को तैयार नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने साफ कहा है कि बातचीत तभी होगी जब अमेरिका पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाएगा। यही शर्त वार्ता में सबसे बड़ी बाधा बन गई है।
इस बीच, पाकिस्तान ने इस बैठक के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं और इस्लामाबाद के रेड जोन को पूरी तरह सील कर दिया गया है। लेकिन असली पक्षकारों के पीछे हटने से पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों को झटका लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह वार्ता नहीं होती, तो पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा।
07:30 PM, 25-Apr-2026
खाड़ी में बढ़ा तनाव, ईरान की अमेरिका को सख्त चेतावनी
ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने खाड़ी क्षेत्र, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपनी नाकेबंदी और समुद्री कार्रवाई जारी रखी, तो उसे निर्णायक जवाब दिया जाएगा। यह बयान ईरान के शीर्ष सैन्य कमांड खातम अल-अनबिया मुख्यालय की ओर से आया है। ईरान ने कहा कि उसकी सेना पहले से ज्यादा मजबूत और तैयार है और वह अपनी संप्रभुता और हितों की रक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार है। बयान में यह भी कहा गया कि अमेरिकी नौसेना की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने अब तक कई जहाजों को रोक या वापस भेजा है। हाल ही में एक अमेरिकी युद्धपोत ने एक ईरानी जहाज को भी रोका। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के लिए बेहद अहम रास्ता है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल का परिवहन होता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव वैश्विक चिंता का कारण बन गया है।
07:25 PM, 25-Apr-2026
ईरान में 57 दिनों का इंटरनेट बंद इतिहास में सबसे लंबा- नेटब्लॉक्स
इंटरनेट निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स के अनुसार, ईरान में नागरिक लगातार 57 दिनों से इंटरनेट बंद का सामना कर रहे हैं, जो ईरानी शासन द्वारा देश की डिजिटल पहुंच को बाधित किए जाने के ठीक आठ सप्ताह बाद का समय है। शनिवार को स्थिति पर रिपोर्ट करते हुए, संस्था ने प्रतिबंध के गंभीर प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि ‘यह व्यवधान, जो अब 1344 बजे के बाद अपने 57वें दिन में प्रवेश कर रहा है, ईरानियों की आवाज को दबा रहा है, दोस्तों और परिवार को एक-दूसरे से संपर्क से बाहर कर रहा है और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है।’ 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमलों के तुरंत बाद पूर्ण इंटरनेट बंद लागू किया गया था। इस लंबे समय तक चले इंटरनेट बंद ने क्षेत्रीय अस्थिरता के इस दौर में ईरानी आबादी को वैश्विक समुदाय से अलग-थलग कर दिया है।
01:40 PM, 25-Apr-2026
जासूसी के आरोप में एक और व्यक्ति को फांसी
ईरानी न्यायपालिका के अनुसार, एरफान कियानी नामक व्यक्ति को इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद से कथित संबंधों और सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप में फांसी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उस पर जनवरी में इस्फहान शहर में सुरक्षा बलों पर हमले का भी आरोप था। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि ईरान में कई मामलों की सुनवाई बंद कमरों में होती है, जहां आरोपियों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर नहीं मिल पाता। हाल के दिनों में ईरान में कथित जासूसों, प्रदर्शनकारियों और विपक्षी समूहों से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फांसी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है।





